यूँ तो कुछ भी नहीं है बदला
लेकिन सब कुछ बदल रहा है
जाने कौन है जो मेरे भीतर
मेरे ही नाम से रह रहा है
मैं जी रहा हूंँ अपना जीवन
सही ग़लत वो चुन रहा है
जाने कौन है जो मेरे भीतर ...
मैं था कभी कुछ और ही तब
ये कौन मेरे नाम से चल रहा है
यूँ तो कुछ भी नहीं है बदला
लेकिन सब कुछ बदल रहा है
3 Jan 25
रतीश
बिलासपुर
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