January 08, 2025

Couplets अहसान कितने

गिन रहा था - हैं तेरे अहसान कितने 
चुन रह था समुद्रांत से पाषाण कितने
बेगैरत होकर जी ली है कितनी सांसें
न जाने रह गए हैं मेरे अरमान कितने

रतीश
8 Jan 25
बिलासपुर 

© Ratish

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