सर्वस्व पल में देनेवाले
कतरा कतरा देता है क्यूंँ
या मेरा सामर्थ्य कम है
या बड़ा ही निष्ठुर है तू
मैं तुच्छ, अधम ही सही
महाकरुण तेरा स्वभाव है
छोड़ निराधार मुझको
कैसे तू निर्विकार है
करके, ना करके देख लिया
तैर के, बह के देख लिया
नए कर्मफल लगते नहीं सूखे अरण्यों में
सर्वस्व मेरा समर्पित तेरे निष्ठुर चरणों में
रतीश
9 Jan 25
बिलासपुर
कतरा कतरा देता है क्यूंँ
या मेरा सामर्थ्य कम है
या बड़ा ही निष्ठुर है तू
मैं तुच्छ, अधम ही सही
महाकरुण तेरा स्वभाव है
छोड़ निराधार मुझको
कैसे तू निर्विकार है
करके, ना करके देख लिया
तैर के, बह के देख लिया
नए कर्मफल लगते नहीं सूखे अरण्यों में
सर्वस्व मेरा समर्पित तेरे निष्ठुर चरणों में
रतीश
9 Jan 25
बिलासपुर
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