आवाज़ों को तरसोगे तुम
चेहरा चेहरा ढूँढ़ोगे
जाने कौन नज़र आएगा
जब भी आंखें मूँदोगे
बीते मदहोशी की यादें
यहाँ न कोई बाकी है
न गुजरे पीनेवाले हैं
न पैमाने न साकी है
आज हो तुम जिनके संग
लम्हा लम्हा जी लो
जीवन है एक मादक मदिरा
मिल बाँट पी लो
रतीश
Pune
April 30 2020
चेहरा चेहरा ढूँढ़ोगे
जाने कौन नज़र आएगा
जब भी आंखें मूँदोगे
बीते मदहोशी की यादें
यहाँ न कोई बाकी है
न गुजरे पीनेवाले हैं
न पैमाने न साकी है
आज हो तुम जिनके संग
लम्हा लम्हा जी लो
जीवन है एक मादक मदिरा
मिल बाँट पी लो
रतीश
Pune
April 30 2020
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