लहरों अब आ कर डुबाओ मुझे
थोड़ा दरिया सा फिर बनाओ मुझे
सूखा पड़ा हूँ रेत सा साहिल पर
आगोश में लेकर हदें फिर भुलाओ मुझे
© Ratish
14 April 2020
Pune
थोड़ा दरिया सा फिर बनाओ मुझे
सूखा पड़ा हूँ रेत सा साहिल पर
आगोश में लेकर हदें फिर भुलाओ मुझे
© Ratish
14 April 2020
Pune
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