मेरी नज़रों ने बना दिया तुझकोअधिक हसीं
ये चाहत, ये कशिश, ये दीवानगी आसां तो नहीं
देखा है तुझमें क्या-क्या कैसे मैं क्या ये कहूँ
है मय, है जाम, है नशा है, तू है मेरी ज़िन्दगी
© Ratish
14 April 2020
Pune
ये चाहत, ये कशिश, ये दीवानगी आसां तो नहीं
देखा है तुझमें क्या-क्या कैसे मैं क्या ये कहूँ
है मय, है जाम, है नशा है, तू है मेरी ज़िन्दगी
© Ratish
14 April 2020
Pune
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