तूने मुझको अपना दीवाना बनाया ही नहीं
कब क्या हो गया ये मेरी समझ आया ही नहीं
मेरी आँखों में तुझे ताउम्र को बस जाना था
लेकिन भूले से कभी ख्वाबों में आया भी नहीं
तू मेरे संग था, है और रहेगा सदा
न छुपाया कभी तो तूने जताया भी नहीं
रतीश
१३ जून
बिलासपुर
© Ratish
13th June
Bilaspur
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