तेरा दीदार जबसे हो गया है
तेरा दीदार होता जा रहा है
इश्क़ जुनून सा हो गया है
जीव ब्रह्मांड सा हो रहा है
रतीश
7 Jan 25
बिलासपुर
एककोऽहं कोपरोऽस्ति मे
एककः अहं कः परः अस्ति मे
अभिनवगुप्त
एक मै ही हूँ मुझ से अलग और कौन है
I am only one who else is there other than me.
Abhinavgupta
सोमाग्नि के मध्य स्थित अविरल
अत्भुत योग भोग जल अनल
हो अंतर्मन या हो विश्वपटल
सम्यक है नृत्य नर्तक युगल
विज्ञान भैरव तंत्र यंत्र रण
पृथ्वी से सहत्रसार आरोहण
© रतीश
24 Aug 23