कभी दोस्ती कभी मयकशी
कहीं रक़्स में कहीं अश्क़ में
जिस ठौर भी मैं ठहर गया
मुझे वहाँ तेरा ही पता मिला
कभी इल्म में कभी इश्क़ में
कभी कश्मकश या सुकून में
लम्हों में जब भी बह गया
मैं तेरे ही साथ साथ था
© Ratish
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