On defeat in in 2023 CWC final
पराजय ! क्यों हुए विजित?
स्तब्ध-द्रवित मन, नीरस जीवन
स्वर्णिम स्वप्न दर्पण हुए ध्वस्त
यश सूर्य तिमिर में हुआ अस्त
विश्लेषण,अन्वेषण का चला दौर
अंगुलियाँ उठी निमित्त की ओर
व्यथित-मुदित जन भावानुसार
अंतिम समर - बड़ी जीत, बड़ी हार
है विजय की जब कामना
तो हार भी स्वीकार्य है
फिर उठो, फिर लड़ो
ये ही मंत्र शिरोधार्य है
स्वयं को बदल कर
हार के निमित्त को बदलना है
नये शस्त्रों, नये व्यूहों,
नये योद्धाओं को गढ़ना है
समर कोई, रण कोई
अंतिम नहीं होता
अजेय बनना प्रक्रिया है
ये घटनाक्रम नहीं होता
पुरुषार्थ से ध्येय के
संधान में लगे रहो
परिस्थितियों से भिड़ो
उत्थान में लगे रहो
२२-११-२३ बिलासपुर
#Poetry #Poem #कविता #काव्य #kavita #kavya #Hindi #हिन्दी #हिंदी #खेल #क्रिकेट #वर्ल्डकप #TeamIndia #worldcup #bleedblue
1 comment:
☺️😊🙏🏻 adbhut
Post a Comment