January 22, 2022

मुरझते फूल




मुरझते फूल फूल ही तो हैं
पंखुड़ियों के रंग मद्धम हैं
रहते अभी भी उन्हीं शाखों में
जहां हरे पात जडे़ नम हैं

उसके प्राण जीवनक्रम है
रश्मि धरा व्योम सहचर हैं
बीज से उसके बनेंगे पौधे
मुरझते फूल ही जीवन है

रतीश
22 Jan
बिलासपुर
© Ratish







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