स्वमुक्तिमात्रे कस्यापि यावद्विश्वविमोचने।
प्रतिभोदेति खद्योतरत्नतारेन्दुसूर्यवत्॥१५९॥
Tantraloka तंत्रालोक Chapter 13 verse 159
खद्योत = जुगनू
प्रतिभोदेति खद्योतरत्नतारेन्दुसूर्यवत्॥१५९॥
Tantraloka तंत्रालोक Chapter 13 verse 159
खद्योत = जुगनू
No comments:
Post a Comment