फिर अपनी बात कहने को
तैयार मैं हूँ
तू है उस पार तो
इस पार मैं हूँ
बता सकता हूँ मैं सब कुछ
यहाँ से वहां तक
वहां से यहाँ तक भी समझता हूँ
समझदार मैं हूँ
ना जाने ये दूरी कैसी है
तुझमे - मुझमे क्या पता
जो सुनाई देती है तुझे
वो पुकार मैं हूँ
मुझे साथ लेकर चलता है
तू आदतन
तेरी यादों की गलियों का
अब भी यार मैं हूँ
© Ratish
14th Dec 2019
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