August 18, 2018

Hindi Poem - Tribute to Atal अटल


अटल

हो गया अस्त
दिनकर सा नर महान
अंतस में है शेष
तेरी वत्सल स्मृति मात्र

संघर्ष पथ तुमसा
सहज ही चुनता है कोई? 
ध्येय पर तुमसा  
दिगांत चलता है कोई?

तुम कर्म हो, तुम काव्य हो
तुम ओज हो, तुम भाव हो
शकुनियों की बिसात में
तुम राज धर्म की आवाज हो

माँ भारती के सुविशिष्ट पुत्र
तुम अपराजित अजातशत्रु
ध्वस्त किये रण-व्यूह दल
रह कर अटल, बन कर अटल 

© रतीश – पूना

17th  Aug 2018
 


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