November 24, 2018

Aham Idam Ka Bhed अहं इदं का भेद



बना के हम और तुम

तुम हमसे ही उलझ गऐ

अलख को बाँट कर

मेरा तेरा कर गए


देते हो जिसकी द्हाई

            क्या उसे भी जानते हो?

अन्य मतों में निहित

            सत्य को पहचानते हो?


सोचते हो जो जानता हूँ

बस वह सही है

मेरे समझ के दायरे के

            बाहर कुछ भी नहीं है


अहं इदं का भेद भ्रम है

हम और तुम हम है


©Ratish

Pune

24 Nov 18
 

September 01, 2018

Couplets: You are gracious towards me even today


तू है मुझपे मेहरबाँ आज भी
ये है मेरा तर्जूबा आज भी
आज भी तेरा साया मुझपे है
जिससे ऊचाँ है मेरा सिर आज भी

You are gracious towards me even today
This is my experience even today
Even today I am under your refuge
My head is held high due to this even today
 




© Ratish
Pune
1st Sep 2018

August 18, 2018

Hindi Poem - Tribute to Atal अटल


अटल

हो गया अस्त
दिनकर सा नर महान
अंतस में है शेष
तेरी वत्सल स्मृति मात्र

संघर्ष पथ तुमसा
सहज ही चुनता है कोई? 
ध्येय पर तुमसा  
दिगांत चलता है कोई?

तुम कर्म हो, तुम काव्य हो
तुम ओज हो, तुम भाव हो
शकुनियों की बिसात में
तुम राज धर्म की आवाज हो

माँ भारती के सुविशिष्ट पुत्र
तुम अपराजित अजातशत्रु
ध्वस्त किये रण-व्यूह दल
रह कर अटल, बन कर अटल 

© रतीश – पूना

17th  Aug 2018